Sunday, 1 March 2026

किरणें पहुंचाओ अब

दो बूँद क्या बरसाई तुमने,
पूरी प्याली भरो अब मेरी,
मेरी धड़कनें जो तेज करी है,
साँसों में साँस भी भरो मेरी।

सितारे भरो मेरी ऑंचल में,
झोली तो कबसे फैलाई है,
चाँदनी से रोशन करो आंगन, 
बाँहें भी मैंने फैलाई हैं।

जुगनू तो तुमने चमकाई है,
पूरा अंधेरा मिटाओ अब,
खिड़की रोशन करो हमारी,
किरणें भी पहुंचाओ अब।

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